चंद्रसखी
पंद्रहवैं सईकै री भगत कवयित्री।
पंद्रहवैं सईकै री भगत कवयित्री।
भगत कवयित्री चंद्रसखी रै जलम अर ठौड़ बाबत पुख्ता जाणकारी नीं मिळै पण वां रो रचनाकाल पंद्रहवैं सईकै रो छेकड़लौ बगत मान्यौ जावै। चंद्रसखी रा रच्योड़ा कृष्ण भगती रा सैंकड़ूं पद लोक में घणा चावा है। आं पदां में भगत हिरदै रा सांचा उद्गार अर आराध्य सारू समरपण देख्यौ जा सकै। सरल अर सहज भासा मांय रच्या अै पद सईकां सूं लोक रै कंठां रम्योड़ा है अर घणै चाव सूं गाया जावै।