यहु मन म्हारौ बरजौ रांम। भजन बिनां मेटहु सब कांम॥

त्रिस्नां मेटहु तजै बिकार। तौ जीव चलै तुम्हारी लार॥

गुण मेटहु गोब्यंद गुण गावै। संत संगति मांहैं सुख पावै॥

गुर दादू कै सरणैं आयौ। टीलौ मनि जी बहुत संतायौ॥

स्रोत
  • पोथी : संत टीला पदावली ,
  • सिरजक : संत टीला ,
  • संपादक : ब्रजेन्द्र कुमार सिंघल ,
  • प्रकाशक : प्रकाशन संस्थान, दरियागंज, नयी दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
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