मोहना चले चलो कदम की छैंया रे,
कदम की छैंया, मोरे डारो गले में बहियां।
राधा रानीजी तोरे हार हिये पै सोहे री,
हिये पै सोहे, तोरी चितवन मोरा मन मोहे।
मोहना तूं तो यमुना निकट भयो ठाडो रे।
निकट भयो ठाडो, मोसैं नेहा लगाय अति गाढो।
राधा रानी जी तूं तो यमुना निकट भई ठाडी रे,
निकट भई ठाडी, मोरी लागी प्रीत अति गाढी।
मोहना तोरे कान कुंडल गल माला रे,
कुंडल गल माला, दोऊ नैनां बने विसाला।
राधा रानीजी तूं तो बड़ी ब्रज की सखियां रे,
ब्रज की सखियां, मोरी लागी निभानी अंखियां।
मोहना तूं तो चंद्रसखी को प्यारो रे,
सखी को प्यारो, नंद जी को राज-दुलारो।