हीरा रे अे हीरा रे॥
साध सबद अे हीरा रे। कोई परिखै बीरा रे॥
मोल न तोल न पारा रे। आदि अंत थैं न्यारा रे॥
सबदां नैं कोई गावै रे। महा परंम सुख पावै रे॥
यां सबदां मैं रांम समायौ रे। साधां देखि र गायौ रे॥
जो सबदां मांहिं समावै रे। टीला हरि दरस दिखावै रे॥