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पद
26
तिहि तीरथ मेरा मन न्हावे
बखना जी
दां औगण दुखदाई नैं रे
ऊमरदान लालस
माया वादली रे
बखना जी
फिट रे फिट 'फिट रे' मन अपराधी
संत टीला
क्यूंन्हैं नींदौ म्हांनै रे
संत टीला
बाँटो द्यूँ नीरों घणा
बखना जी
धर्म-कसौटी
ऊमरदान लालस
दूध की न मूत की
बखना जी
हीरा रे अे हीरा रे
संत टीला
आरसङी ऊजली रे
बखना जी
आव रे आव मन पूरिखा
संत टीला
म्हे क्यांन्हैं कहां रे, कोई भावै तैठा जाव
संत टीला
रे जिय बातनि जनम गवायौ
संत टीला
रांमजी नांव तुम्हारौ दीजै
संत टीला
चल रे मन स्वांमी कै द्वारै
संत टीला
भो जल क्यूँ तिरो रे
बखना जी
जोगी जग मैं क्यांन्हैं फिरै
संत टीला
अब कुछ रांम दया करि हम कूं
संत टीला
भाई रे ए, बैरागी ही रहैंगे
संत टीला
धनि परमेसुर धनि परमेसुर
संत टीला
आप किया की आप हीं करौ
संत टीला
सब सुख आपै रोर कांपै
बखना जी
दान को विधान छिमां ध्यान में छयो
ऊमरदान लालस
तूं साहिब मैं बंदा तेरा
संत टीला
गावङी राखो हरि हावङी करती
बखना जी
देखि चालौ रे बीरा देखि चालौ रे
संत टीला