पाली रा कवि/ रचनाकार
कुल: 27
कुल: 27
आचार्य भिक्षु जैन तेरापंथ धर्मसंघ रा संस्थापक अर पैला आचार्य हा। भिक्षु री रचनावां जैन धार्मिक शिक्षा अर तेरापंथ रा आचार विचार सूं सम्बंधित।
जैन धर्म रे तेरापंथ धर्म संघ रा चौथा आचार्य। मूल नांव जीतमल हो, जय नाम सू साहित्य लेखन करता।
मारवाड़ व मेवाड़ रा राजपरिवार सूं संबंधित अर जग चावी भगत कवयित्री। कृष्ण भगती विषयक माधुर्य भाव रा पदां खातर चावा।
आधुनिक काल रा डिंगल कवि। हल्दीघाटी युद्ध रा वीर झाला मानसिंह रै पराक्रम ने आधार बनाय'र 'मर्द मकवांण' नांव रै खंड-काव्य री रचना लिखी।
उत्तर मध्यकालीन नीति विषयक संबोधन काव्य परंपरा रा चावा कवि l आपरा सेवक मोतिया ने सम्बोधित कर'र 'मोतिया रा सोरठा' री रचना करी।