जोधपुर रा कवि/ रचनाकार
कुल: 91
कुल: 91
'निरंजनी संप्रदाय' रा चावा संत कवि। भगती, नीति, अध्यात्म अर गुरु महिमा सूं संबंधित रचनावां।
'विश्नोई संप्रदाय' रा आगली पांत रा संत कवि। आपरी गहरी भगती साधना अर शास्त्र ज्ञान सूं राजस्थानी साहित्य ने हरियल करियो। रचनावां में मध्यकाल री ठेठ राजस्थानी भाषा री बानगी।
अलवर शासक मंगलसिंह रा आश्रित कवि। खड़ी बोली में अलवर रो इतिहास लिख्यो। 'वृन्दावन शतक' अर 'अलवर री खट रितु झमाल' आद चावी रचनावां।
प्रगतिशील चेतना रा चावा कवि। 'सगत' अर 'डीगरां-डीगरां' नांव सूं दो पोथियाँ छपियोड़ी।
ख्यात कवि-सम्पादक। राजस्थानी कविता मांय आधुनिक बोध सारु पिछाण। 'बोल भारमली' पोथी पर केन्द्रीय साहित्य अकादमी पुरस्कार।
दादूपंथी लालदासजी सूं दीक्षित, समाज सेवी अर संत कवि। रचनावां में घणकरी निर्गुण भक्ति रा पद अर वाणियाँ।