लूणकरणसर रा कवि/ रचनाकार
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लेखन में लोक रंगां रो कोलाज। जीवण रा रेत रळ्योड़ा न्यारा-न्यारा चितराम कागद पर लाय खड़ा करण में कारीगर।
समकालीन कविता में ठावी ठौड़। 'चाल भतूळिया रेत रमां' कविता संग्रै पर साहित्य अकादमी रो युवा पुरस्कार। 'झील,नमक और कुरजां' चर्चा में।