हेत बहुत हस्तनी, केस अति कुटिल विराजत,
द्रिग देखत मृग नैन, चपल अति खंजन लाजत।
कनकलता कामनी, बीज दाड़िम दसनावत,
पहुप वेस पहरंत, कंत अति हेत सुहावत।
अति चतुर, कुच्च कंचन कलस, काम केलि कामन करै,
अल्लावदीन सुलतान सुण, ए लच्छन हस्तन धरै॥