म्हारा गीतड़लां

इत्ती गैराई अर जिग्यासा सूं

क्यूं देखौ हो थे

लोगां रा चैरां में

वां में थांनै आपरा बीतोड़ा मिळ जावैला कांई?

स्रोत
  • पोथी : अपरंच अक्टूबर-दिंसबर 2015 ,
  • सिरजक : ओजरा पाउंड ,
  • संपादक : पारस अरोड़ा ,
  • प्रकाशक : अपरंच प्रकासण
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