डरपौ मत मालक

म्हैं आपनै दिख्यौ

अर आपणां उणियारा मिळ्या

इण काळी रात मांय

जिकी म्हारै उणियारै काळी है।

डरपो मत

रोजीना आपां मिळांला

जद आपनै उम्मीद नीं व्हैला

म्हारै मिळण री

म्हैं दिखूंला रात मांय

जिकी म्हारै उणियारै काळी है।

डरपौ मत

भाण्डौ थांरा हिंवड़ां नै

जद आप म्हनै डरपावोला

म्है भाण्डूला थांरी अक्कल नै

जद म्है थांनै डरपावूंला

रात रा

जिकी म्हारै उणियारै काळी है।

डरपौ मत मालक

दरिया जेड़ौ बोळौ है म्हारौ हिरदै

अर थारी अक्कल धरती जैड़ी

आछा माळक है

डरपौ मत।

स्रोत
  • पोथी : रसूल अमजातोव अर विदेसी कवितावां ,
  • सिरजक : मोगानेवाली सेरोत ,
  • प्रकाशक : रॉयल पब्लिकेशन, जोधपुर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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