हाथ डांगड़ी हांकण जावै,
भेड़ बकरियां भेळी करनै,
ओ अेकलो अबखो जीवण,
दिन ऊगतो जाणै नित ही।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
हर बासली होठां आवै,
स्वर चैड़ियो पंछी भिड़कै,
गीत पणिहारी गुणको गावै,
मोर पपैया मगरै नाचै।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
धौळी धोती पळका लटकै,
पीळो मौळियो पळका मारै,
पगां मौजड़ी अंग अंगरखी,
भरी जवानी भूण्डी कींकर।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
आडी पाळो अेवड़ उचरै,
टोकरियां रा टंणका गूंजै,
माठ ऊंचौड़ो मापो लेवै,
फागण आयो चंग धमीड़ै।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
रात आंवतो लूरां गावै,
घेर घाघरो पायल झणकै,
प्रभातों उठ पाणी लावै,
माथै ईंढाणी पिणघट ऊभी।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
पाणी लाय नै रोटी पौवै,
ले भातो नै लारै जावै,
आंचळ छिपायो अडिग चालै,
देख गवाळियो गदगद मुळकै।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
बौर माथै रो बेलो बैठो,
बाळ सजाती बोलण लागी,
नथ देख नै नखरो बोली,
होंठ हिंगळू हांफण लागी।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
प्रेम हाथ सूं पुरसण लागी,
खीर बणाई खायलै खाविंद,
आंख झुकाती मुळकण लागी,
काढ़ घूंघटो कैवण बैठी।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।
बेगो आयजे विगत राखनै,
सांझ आंवतो सामी आऊं,
ढाळ ढोलियो धम-धम चढ़सूं,
रात भली जो प्रीत पाळतो।
हाथ डांगड़ी हांकण जावै।