काल जद
म्हूँ न्हँ रहैऊंगा
न्हँ पाओगा थां
म्हनै आपणै साथ
तो थां
पूछा करेगा
म्हारा बारा में
मनख्या'न सूं
रूंखड़ा'न सूं
बेला'न सूं
फल-फूला'न सूं
नद्या-नाला'न सूं
हवा सूं
सड़का'न सूं
गळ्यां-चौराया'न सूं
कोई न्हँ बता पाओगो
थानै
म्हारा बारा में
अर थाँकै गोडे
म्हँ ई पुकारता रहबा
म्हंई ढूंढता रहबा के सिवाय
न्हँ रहैवगौ कोई उपाय
ई वास्ते
आज ही
म्हारो तन-मन
म्हारो सर्वस्व
म्हारो समरपण
कर ल्यो स्वीकार
सहज भाव सूं
जी सूं
काल म्हारा न्हँ रहबा पे बी
थाँ पा सको म्हनै
आपणै साथ
आपणी आत्मा में रम्यौ
देख सकौ
बंद आँख्याँ सूँ बी
आमी-सामीं
कतई
अबार की ताँई
सदाँ ई