आओ खेलां खेल, भायला!

धूड़ सूं काढ़ां तेल, भायला!

झ्याज चलावां धोरां माथै

अराणी में रेल, भायला!

राज दिरावां चोरां नै, अर

साहुकार नै जेळ, भायला!

बलधां नैं दू’वां, गायां रै

घालां नाक नथेल, भायला!

झट छिटकाय छटांका नै ल्यां

मणां-मणां नै झेल, भायला!

थाम घड़ी भर बगतो लश्कर

बै’तो पाणी ठेल, भायला!

पास करां आळस-काळस नैं

मोकळ मैणत फेल, भायला!

खावां मुंबई रा रसगुल्ला

कलकत्तै री भेळ, भायला!

घर-लिछमी नै मारां-कूटां

पूजां रांड-रखेल, भायला!

कीड़ी नैं मारां छर्रे सूं

मारां शेर गुलेल, भायला!

घर रो बाग उजाड़, बधावां

बैरीड़ा री बेल, भायला!

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : श्याम गोइन्का ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-28
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