संका अर नेह
दोनूं साथै-साथै इज
हिवड़ै में पनपै अर पसरै
आज इज ठा पड़ी।
संका रै अंधारै में आप गमग्या
अर म्हैं डर-भौ सूं थरथरायगी
सरीर में ज्यूं कीड़ियां चालण लागी।
रे कंत!
इण अंधारै नै चीर'नै अबै थे आ जावौ
म्हारै मनोबळ री हेठी नीं करौ
इण संका माथै
नेह नै जीतण दौ।