तुतळावै है टाबर अनै रोवै है।
कविता रै ताप मांय
बड़बड़ावै है जिंयां कवि।
रोवणो अनै कविता करणो,
एक जेड़ौ ई हुवै है
घणखरो'क
जे आप टाबर रा बाप
या घटिया कविता रा
पाठक हुवो तो।