ठरकै स्यूं बातां करै, ठाकर बी नै जाण।
जै कोई भी छींक दे, तणज्या दीदा ताण॥
तणज्या दीदा ताण, बाण खोटी या पड़गी।
बिना बात की बात, बात कै आगै अड़गी॥
घर-घर ठाकर अेक, नहीं सरकायां सरकै।
खसम बापड़ा गाय, लुगाई बोलै ठरकै॥