बाटां जोवै पंथ निहारै नित डागळियै जाय

ओठी दीखै आवतड़ा म्हारौ आलीजौ नांय

पायलड़ी रै रणकै-झणकै

झड़ग्या नवलख तारा

सूरज देखै किरणा जोवै

दीसै नीं साजन म्हारा

काजळ वरणी रैण रंगीजै काजळियौ घुळ जाय

बाटां जोवै पंथ निहारै नित डागळियै जाय

बड़लां रै बळ बेलड़ियां

मेड़ी रै छाजै आई

निपट अेकली गोरादे

घण बूठां मुरझाई

छिन-छिन घटतौ चांद घटै ज्यूं ऊमरड़ी ढळ जाय

बाटां जोवै पथ निहारै नित डागळियै जाय

कड़कत-कड़कत बीजळ चमकै

गरजै बादळ भुरजाळा

गोखै ऊभी कांमण डरपै

बरसै वद-वद बरसाळा

धरती सूखी नार अडोळी बरस्यौ निरफळ जाय

बाटां जोवै पंथ निहारै नित डागळियै जाय

किणरै हाथ सनेसौ भेजूं

किणजी रै हाथां पाती

सरवरियै री जूंनी पाळां

कुरजां कूकी परभाती

बेगी वळजै बैनड़ली हाथौहाथ बंचाय

बाटां जोवै पंथ निहारै नित डागळियै जाय

स्रोत
  • पोथी : माणक (पारिवारिक राजस्थांनी मासिक) ,
  • सिरजक : लक्ष्मणसिंघ रसवंत ,
  • संपादक : तेजसिंह जोधा ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकाश ,
  • संस्करण : जुलाई 1981
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