छोरो भोळियो मेरै स्यूं बोल्यो—
अै नेता धोळा-धोळा किंयां पै’र राख्या है...
आंरी लुगाई मरगी के?
म्हैं बोल्यो— ना मरी तो मर जासी,
आंनै एक बार चुनाव जीत जाण दे।
कै ठा किती लुगाइयां लियासी?