छोरो भोळियो मेरै स्यूं बोल्यो—

अै नेता धोळा-धोळा किंयां पै’र राख्या है...

आंरी लुगाई मरगी के?

म्हैं बोल्यो— ना मरी तो मर जासी,

आंनै एक बार चुनाव जीत जाण दे।

कै ठा किती लुगाइयां लियासी?

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हरि शेखर शर्मा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-17
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