(अेक फोटू माथै आंकियोड़ौ लेख)
कितरी तेजाळ ताकड़ी
लागै देखौ अै लुगायां
पांचफुटी बन्दूकां जिणा रै
खांधै ओप पावै।
सगळी लड़त सीखवा सारु
भेळी हुई सिखाऊ भौम माथै,
जिण में पेलूड़ी किरणां सूं आपणी
जगजगाळ करै सूरज
आज सगळी बेटियां चीन री
होंसाळ ऊंची आस सूं
रेसम-साटण सूं नीं, प्रीत तौ
आं नै आपणी लड़वास सूं।