कूड़ी नीं है

इणरी मुळक

इणरी मुळक मांय

बाळपणे रो बळ है

माईतां री फिकर नीं है

माईतां नै फिकर है इणरी

घर री बाखळ मांय

चिड़कलियां अर सूवटियां

चूंचाट सागै रमतो धडूकै

अर उडणै री खेचळ करै

बांरै सागै आभै मांय

बालपणो

थाळी पुरस उडीकै मां

पण बो नीं जीमै

आटै री गोल्यां

हरी मिरच अर चीणा जिमावै

सूवटियां अर चिड़कलियां नै

बांरी जूठण सूं

पेट भरै

मुळकतो मुळकतो

बाळपणो।

स्रोत
  • सिरजक : राजेन्द्र जोशी ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोडी़
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