अनुवाद : रमाकान्त शर्मा
अेक नस्ल करै गुलामी दूजोड़ी नस्ल री
अेक मुल्क खिदमत में दूजोड़ै रै
गौरा राज करै काळां माथै
कुण हौ वौ जिण तोड़ी ही सगळी मानतावां
कुण ओळखी ही पवितरता
मजूरां रै काम री?
अर परतख कीनी
सै सूं ऊपर मूळभूत स्वतंत्रता री थापना?