मनै खावण नै रोटी चाहिजै

अर थनै पेट भरण नै पइसो

मिनख थूं भी है अर म्हूं भी

करण नै सगळा पेट खातर करै

पेट पापी जो है

पण थारो पेट तिजोरी बणग्यो है

पईसा स्यूं पईसो वधै

मनै ठा है

पण म्हूं रोटी स्यूं रोटी रो

वधापो करणो चावूं

मनीप्लांट म्हारै भी लाग रियो है

पण वो चोरी चपाटी रो नीं है

इण खातर ना तो फळ दै अर नां फूळ।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : महेन्द्र भानावत ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-44
जुड़्योड़ा विसै