पंचा सरपंचा की बैठक में
लपोसा लगांवतो विकास अधिकारी बोल्यो–
पंचायती राज में
आपरै महत्व रो कांई बखान करां
पंच तो परमेसर हुवै।
आ सुण’र अध्यक्षता करतां प्रधान रै
चरणाटो सो लाग्यो
किरकांट ज्यूं रंग बदळग्यो
सगळो डील आंटो पड़गो
मूंडो मुचकोड़्यां पूछ्यो–
जै पंच परमेसर हुवै, तो म्हानै
कांईं कैवोला?
सा’ब पुराणो घाघ हो
बातां री सुहाळी उतारतो बोल्यो
पंच तो परमेसर हुवै
सरपंचजी विश्वेसर हुवै
प्रधान जी सर्वेश्वर हुवै।