आदमी री मौत रो नियोजन हुयग्यो, धरती माथै।
दिन दूणा अर रात चौगुणा, मिनख बधता जावै,
पण मानखो? कोई दिवाळियै री तरां
धरती सूं दूसरै ग्रहां माथै न्हासणै री,
त्यारी करै है, मानखो!
झूठी सद्भावनावां रो काळो धन,
मानखै री हत्या रै बदळै, मिनखां री तिजूर्यां में,
अमावस री रात री तरां, घणो-घणो काळो हुवतो जावै!
चरित्र अर आत्म बळ रा हाडकां नैं,
भ्रष्टाचार रा कुत्ता फंफेड़ै अर प्रेम रा तिणकला
दिखावै रै भतूळियै में, भुंवाळी खावता जावै।
राम, कृष्ण, ईसा, मोहम्मद, बुद्ध अर गांधी रै नांवांरा
जपिया!
शांति पणै रा, सद्भावना पणै रा
अंहिसा पणै रा लेबल!
केई नामी रावण अर कंस
गळी-गळी में स्वारथ रै गूंद सूं चेपता फिरै।
लालच रा हिड़काड़िया कुत्ता, मानखै रै लारै लाग्योड़ा
अर आपरै मूंडै माथै मिनखपणै रो
चूनो लीप्योड़ा हिड़काव खिंडावता फिरै,
हेला देवता फिरै, राम नाम सत है।