म्हारी उत्तरा!
कुण जीत सी
कुण हार सी,
सिंघासण माथै
कुण बैठ सी
राज कुण खो सी
पण
थारो सुहाग तो
सत्ता रै झोड़ में
सदीव
उजड़तो जासी
स्रोत
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पोथी : बिणजारो
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सिरजक : लक्ष्मीनारायण रंगा
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संपादक : नागराज शर्मा
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प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान)
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- संस्करण : अंक-27