लक्ष्मीनारायण रंगा
प्रयोगां अर नवाचारां नै लेय’र ठावी पिछाण। ‘अमर शहीद’ नाटक पाठ्यक्रम में। रंगमंच सूं गै’रो जुड़ाव। साहित्य अकादेमी सूं पुरस्कृत।
प्रयोगां अर नवाचारां नै लेय’र ठावी पिछाण। ‘अमर शहीद’ नाटक पाठ्यक्रम में। रंगमंच सूं गै’रो जुड़ाव। साहित्य अकादेमी सूं पुरस्कृत।
आज री कविता
बादळी चितराम
बंसरी अर मुगट
भाग फूटयो ईमानदार निकळग्यो
भाठो ई रैवण दे
कैक्टस अर हूँ
गांधारी
गोधै री गोधम
हे अहल्या
इसो बसंत खिलादै मा
कहाणी लालसा री
लालसा
माधवी
म्हारी कविता
म्हारी उत्तरा
मिरतु
मिरतु रो देवता
नान्ही कवितावां
पंखो
फ्रेम में कसियोड़ो आदमी
रंगमंच
सिंथेसाइजर
सिरजण अगन
थूं अर म्हैं
उल्लू पिछता रैयो हो