आकारां अर प्रकास रा भग्नावसेस थांरी गैरी छियां नै
पूजै; प्यार, जिणरी पड़छांवळी कांनी
म्हारी हांपती सांस दौड़ै, अेक जीवतौ रूंख
जिकौ आपरी अणसफीट कड़कड़ाट सूं पैली
बीजळी री चमक री तरै ऊगै अर ऊठै है!
अेक देवता प्यार-गैळीज्यौ अर काळौ
नाम अर वाणीहीण जीवतौ देवता,
गै’री खामोसी नै गीत में बदळ देवै,
म्हारी कमजोर जीभ नै चीख में बदळै,
मंदगामी दुनियां नै लपट बणाय देवै,
जिकौ आपरी अगनमयी छातियां में फेर अेक
अणतिरपत, गुप्त अर भयंकर अगनी छिपायां है;
इण लपट सारू बुलबुल विलाप करै है,
टाबर, आकार, बीज रा तूफान, आंसू अर रुदन
रात नै पार करै, जठा तांई के वांरा
गुस्सै रा झागां रो प्रवाह धरती री सींव नीं तोड़ देवै;
दुनियां इणी जीवती लपट सारू मरै है,
प्रेम री महिमा में ऊंची ऊठनै, अर लुगायां
धरती माथै न्हाटती फिरै है, पागल घोड़ा आपरै
जळागारां री बजाय हिवड़ै री धड़कणां रा
काळा झरणां सूं पाणी पीवणौ दाय करै है,
जठा तांई के वै आपरी खतरनाक सांस सूं
म्हारै सरीर रै थिर प्रकास-तारै नै ढक नीं लेवै;
इण तीखी लपट रै सारू रगत बैवै है,
म्हारा कानां में अेक तूफान फाट पड़ै है,
म्हारी दाझ्योड़ी जबान गूंगी हुय जावै है
अर हिड़दै री धड़कणां रै पुळ माथै म्हां
मौत अर सूनियाड़ रै पूगण तांई दौड़ता रैवां हां।
इण गुप्त लपट री खातर
म्हैं दुनिया बुझाय दी,
जिकौ ई इणनै नीं चावै, उणनै म्हैं नस्ट करूं हूं,
छांवळ्यां रै बिचाळै म्हैं इणनै ओळख लेवूं हूं
अर इणरा रगत में सदाई रै वास्तै डूब जावूं हूं।