नरक भौगाय
सरगां जावतै नै
जठै जीवण रा जज्बा है।
कंई पूछो! कंई चईजै।
ऊमीदां रो आसमान नहीं
फरज रा परस चईजै।
जमारै रो फ़कर।
स्हैवण री खबर।
मरणै री बिळियां में कबर
दफणावण नै चईजै।
बैठावण नै बैठकां।
खिलावण नै बाटी।
पावण नै पाणी
गिलासां में चईजै।
दिसावां नै सूरज।
आसावां नै किरण।
बिस्वासों नै गति देखण चईजै।
जंग नै जुगत।
लड़वा नै अस्त्र।
जीतण नै जोर चईजै
आभै नै अम्बू।
धरती नै धान।
सेवा रै पालणै झूलणियां पगलियौंं नै
पग चालण नै चाईजै।
ग्वाड़ियां है,
बाड़ियां है,
नसों में नाड़ियां है।
राखी रा डोरा बंधावण रै
हियै में हेम
पिघळणा चईजै।
भणवा री
स्कूलां कितरी।
उपचार रा अस्पताल कितरा।
बांचण नै नीति री पोथियां
अर
मौद नै हाजमौ होवण री औषधियां चईजै।
तन कद! मांगै जरी
कद! मांगै है पेटी
सोनै री भरी।
मांगै है मैनत री अंगरखी
पैरण नै सूत री खरी।
मिनख नै अमीरी रो गरब नहीं
नेह रा निवाण चईजै।
करणिया चोरी,
फैलावणिया जारी,
लेवणियां सुपारी
बारै नहीं
जैळ रै सींकचौ में चइजै।
रंज में रड़कती
लड़खड़ावती जावती जीभ में संताप रा सबद
मिनख जका लारै जीवै है
वै अभाव रै अमल में
मरणां नहीं चईजै।