बिरानी गांवां सूं आई
भजन मंडळी में
सारा गवईया अर
साजिंदा है दुबळा-पतळा
पांच भजन गावंता ई
अेक साजिंदो ल्यै उबासी
लागै थकेड़ो-हारेड़ो है
दिन में उपाड़यौ होस्सी गुआर
बियां सारां सागै नीं है
इस्सी बात
नाचण आळै भगतां में है
पूरी ज्यान
अेक तो अेक टांग रौ धणी
मचा द्यै धमा चौकड़ी
अेक टाबर भी करै कमाल
मोटोड़ा दांई भरै बो भी
चौकड़ी घणी ताळ
अेक टांग रै धणी नै अर
टाबर नै
नाचतौ देख’र
लोग घणा राजी होवै
दांतां तळै आंगळी द्यै
पण ओ नीं सोचै कै
आनै पापी पेट नचावै।