गांधारी

अबै तो

धृतरास्ट्र नै

पिछाण,

अरै

अबै तो

आंख्यां री पाटी

उघाड़।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : लक्ष्मीनारायण रंगा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
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