हां!

आप

बडा आदमी

बण ग्या हो

चार किताबां पढ़नै

एटला बडा

कै

बाकी सब

छोटा रई गया है

छोटा थई ग्या है

आप थकी

म्हारा भाई

अेक बात पूछूं

कै

आप एवू केम

पढ़ी ग्या

अर

एम केम

बणी ग्या हो?

कैनी समझणो

दोस है

भगवान जाणै

आप नीं

या पैलो

जो

हेत अर

हिया नीं

वात करै।

स्रोत
  • पोथी : जागती जोत ,
  • सिरजक : प्रदीप भट्ट ,
  • संपादक : भगवतीलाल व्यास ,
  • प्रकाशक : राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादेमी, बीकानेर (राज.) ,
  • संस्करण : नवम्बर, 08
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