सीयाराम साथै भणै, राधाकृष्ण जे साथ।

जोड़ी जबर जुड़ी, जाळ जठै जसनाथ॥

पाप-धरम भेळा रच्या, भेळा-खेळा साथ।

सुख-दुख रह साथै सदा, जाळ जठै जसनाथ॥

चाँद-सूरज नथ-धरतरी, अगन भणै जळ साथ।

राम-रमा भेळा बगै, जाळ जठै जसनाथ॥

धरम-करम अर पाप-पुन, आछो मंदो साथ।

बेली अणबेली घणा, जाळ जठै जसनाथ॥

राम-लखन जोड़ी जबर, किसन'र दाऊ साथ।

पीर-बुध सागै भणै, जाळ जठै जसनाथ॥

आळ-जाळ पंपाळ तज, भजो राम रूघनाथ।

जीव-ब्रह्म एको धड़ै, जाळ जठै जसनाथ॥

माया-अविद्या संग जण, मिथ्या-सत्य साथ।

राम मिलन बाधा बडी, मेटै गुरू जसनाथ॥

उपनिषद-गीता गुणो, वेद-पुराण संग-साथ।

अनुभव अनुभूति हुवै, जाळ जठै जसनाथ॥

काम क्रोध मद लोभ तज, तजो अहं इण साथ।

साच सबूरी राखिए, जाळ जठै जसनाथ॥

फूलां छाई बेलड़ी, तारा छायी रात।

शोभा बधेज मेदनी, जाळ जठै जसनाथ॥

राम जठै तुलसी खड़ो, सूर कन्हैया साथ।

मीरा है गिरधर थकी, जाळ जठै जसनाथ॥

जाळ काट जंजाळ हर, पाप नाप हर साथ।

जीव ठिकाणो राख लै, जाळ जठै जसनाथ॥

आशा कर आसंग तज, भज गुरु निकळै कपाळ।

भाव-भक्ति पह पांवडा, जाळ जठै जसनाथ॥

भला भलाई नीं तजै, सदा भजै रूघनाथ।

प्रेम-नेम छोड़ै नहीं, जाळ जठै जसनाथ॥

सरवण जैड़ा सुत कठै, कठै पुत्र रूघनाथ।

गुरु गोरख नानक गुरु, जाळ जठै जसनाथ।

अलंकार-छंद संग है, गति-यति है संग साथ।

जीव-ब्रह्म एका धड़ै, जाळ जठै जसनाथ॥

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : सूर्यशंकर पारीक ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 26
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