पढ़ेसरी रा

नाना पगल्या

थम ज्यावै

पोसाळ रै

दरूजै

अर जोवै

आपरी मां री

आख्यां रो हेत

अर बापू रो नेह।

पीढ़ी दर पीढ़ी

डरपीजती रैयी

इण पोसाळ सूं

अर

पोसाळ रा गुरू

इण डर नै

दूणौ-चौगणौ करायनै

मोदीजै।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : श्याम महर्षि ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-14
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