पल-पल जलमता रैवै जीव
पल पल जलमता रैवै मिनख
बधती रैवै मिनख री बेल
पण नीं बधै धरती
अर नीं बधै
धान, पाणी, बिरछ अर पून।
तर-तर सिमटता जावै खेत
तर-तर सिमटती जावै रेत
सिमटतो जावै धान
अर सिमटतो जावै हेत।
बधती जनसंख्या
संकेत है विधूंस रो
संकेत है भारी संकट रो।
निदान नीं है
मिनख रै ज्ञान घर विज्ञान कनै
जिण भांत उपज बधै
उणसूं चौगुणो वंस बधै।
उपज अर वंस बधणै री होड़ मांय
दौड़ मांय
लारै रैय जावै
उपज
अर आगै निकळ जावै
जनसंख्या।
इणी भांत बधतां-बधतां
एक दिन
नीं बचैली धरती
नीं बचैलो धान
नीं बचैला जीव
अर नीं बचैलो मिनख...