दुनिया में भांत-भांत का लोग है

भांत-भांत का चाल-चलन

दूसरे लोगां को काम काज देख कर

बळणो नहीं और ना ही

बीं कै काम की नकल करणी

कोई भी काम छोटो कोनी होवै

कोई तो काम की शुरुआत करो

फेर दिन रात मेहनत करके

बींनै ऊंचो ल्याणै की चेष्टा करो

सफल होवोगा या असफल होवोगा

बीं की फिकर ना करो तो ही चोखो है।

ईमानदारी सूं जे काम करोगा

बिना कोई बेईमानी कर्‌यां

तो फेर सफळता तो निश्चै ही है

डर के बात को है?

ईमानदारी की जड़ हमेशा हरी रह्वै

अर मेहनत करणा आळां को

सांवरियो भी साथ देवै है।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : बनवारीलाल अग्रवाल ‘स्नेही’ ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-44
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