गांव फकत अेक ठोड़ कोनी है,

पीढ़ियां रो विश्वास है।

जठै सगळी नेकियां,

सगळी प्रार्थनावां

बिना डर राखै

आदमी नै

अेक भरोसे साथै।

स्रोत
  • सिरजक : दिनेश चारण ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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