जे रोक्यो नीं गयो भावां रो चढ़ाव

पांच साल पछै अखबार छापैगा

नीचै मुजब बजार रा भाव

गीवूं दस पीसां री जोड़ी

चावळ चाळीस पीसां कोड़ी

चणां अेक रपियै रा पचास

पांच रपिया किलो आवैगो घास

दूद अेक रपियै री अेक बूंद

घी अेक रपियै दस पीसा सूंघ।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : शिव शर्मा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 15
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