धूजै लागो ढोलियो, भींता दड़की जाय।

टोडा कै आंसू पड़ै, आंगणियो चकराय॥

आंगणियो चकराय, धमा धम धुमसर बाजै।

ताता धिन्ना बोल, चोखळै गूंजै गाजै॥

ललित कळा ली सीख, पदमणी नै के सूझै।

नाचै नो नो ताळ, ताल पर धरती धूजै॥

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : भगवतीप्रसाद चौधरी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-17
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