हर दफै तै करी

इण दफै—

इण दफै

अचकै भरलूं ला बांथां में

थनै प्रेम,

डाळी पर डाळी रै लचकै

लेवूंला थारै व्हालो।

इण दफै स्यात इण दफै—

खिर सकैला थारै मिस

म्हारै सूं कोई फूल!

लै फेरूं तै करूं—

इण दफै।

स्रोत
  • पोथी : उतर्‌यो है आभो ,
  • सिरजक : मालचन्द तिवाड़ी ,
  • प्रकाशक : कल्पना प्रकाशन, बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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