जीवण दुख रो सागर है, इण में सुख री सीप है।
जोयां मिलै, खोज्यां मिलै, मिलै सुख री सीप॥
डाळा न्हाख्यां कीं नीं बंटै, कटै मांय रो मांय।
कायर बाजै, कैवै सगळा, ओ मरग्यो हियो खाय॥
सीनों देवण री जागा मां, देयग्यो जुद्ध में पीठ।
जीवण दुख रो सागर है, इण में सुख री सीप है।
कीड़ी वाळी ठावस हियै, धारै बधतो जावै।
चीरै बादळ अंधियारै रा, मंजल सामी पावै॥
दीखै छोटी, देवै मोटी, कीड़ी लग में सीख।
जीवण दुख रो सागर है, इण में सुख री सीप है।
हिम्मत आळा हाथां सामी, काळ डरै डर जावै।
हिम्मत आगै धूजै हिमाळो, अर ढिगळो बण जावै॥
सैचन्नण हुय जावै जीवण, जिण री उंडी दीठ।
जीवण दुख रो सागर है, इण में सुख री सीप है।