मोसर रो अरथ म्हैं फगत
इत्तो ईज जाणूं कै
बा’रा दिनां तांई
लोग पेट पर
हाथ फेर-फेर’र खुल्लो खावै
अर आगली ई
होळी-दीवाळी माथै
घर रा टाबर ई
लोगां रै
घरां जीमै।