पैलां लोग

अगरबत्ती जगांवता

पूजन आद करता

पूजाघर में राखता

अबै लोग

अगरबत्ती जगावै

अठै-उठै तकावै

अर पाड़ौस्यां री बाड़ में

होळै-सी न्हाख देवै।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मदन गोपाल लढ़ा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक–18
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