था'रे गांव में कांई है ?

म्हारे गांव में हेत है

सम्प है

मिनखपणो है

मरजाद है

कायदों है

और तो और

जीवाजूण है।

मिनख तो कांई

चिड़ी कमेड़ी तिरस्या नी मरे,

इतो ही जवाब हो म्हारो।

स्रोत
  • सिरजक : दिनेश चारण ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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