पीळो-पीळो घाघरो, गुलाबी रंग चीर
स्याम रंग सायबो नणद थारो बीर
स्याम रंग सायबो, नणद थारो बीर।
गोरी-गोरी गोरड़ी रो बदन गुलाल
मीठी बोलै मोरड़ी-सी हंसणी-सी चाल
नैण-नड-नाळियां समावै नहीं नीर–
स्याम रंग सायबो, नणद थारो बीर।
गोरी-गोरी गोरड़ी रा लांबा-काळा केस
बळखाती बादळी बदळ लिया भेस
सावण-सो सुरंगो म्हारै सासरै रो सीर–
स्याम रंग सायबो, नणद थारो बीर।
छोरी-छोरी छोरी गणगोर-सी लुगाई
सुसरोजी रूप-रंग देख कर ब्याही
सासू बूढ़ी डोकरी सरावै म्हारो पीर–
स्याम रंग सायबो, नणद थारो बीर।
मीठो-मीठो रूसणो मनावै जद स्याम
दिन दस बोलणै रो म्हारै कांई काम
धीरज न धारै पण नांव रणधीर–
स्याम रंग सायबो, नणद थारो बीर।