है जिद्द म्हांरी, आ कसम म्हांरी।
देश रो करणो है विकास, आ है जिद्द म्हांरी
उपज बढ़ावो खेतां में, औ जवाहर लाल रो नारो हो
जै जवान, जै किसान बोल्यो, बो लालबहादुर प्यारो हो
राखांला म्है शान दोनां री, करणो नहीं अपमान
देश रो करणो है विकास, आ है जिद्द म्हांरी।
पांच बरस री बणी योजना, ईं नै म्हे अपणावांला
इण अधार सूं काम करांला, जूनी बात भुलावांला
अब तांई राख्यो ढंग पुराणो, हुयो घणो नुक्सान।
देश रो करणो है विकास, आ है जिद्द म्हांरी।
अब आ जासी नहर गांव में, धरती सोनो उपजेला
बण जासी जद बांध बडोड़ा, घर-घर बिजळी चमकेला
नूवां तरीका लेसां काम में, जासी विदेशां धान।
देश रो करणो है विकास, आ है जिद्द म्हांरी।
आछी नशल रा पशु पाळस्यां, आछी शिक्षा पावांला
सहकारी समिति सूं म्हेतो, घणा उद्योग चलावांला
जद हो जास्यां आत्मनिर्भर, जिण सूं बढ़सी मान।
देश रो करणो है विकास, आ है जिद्द म्हांरी।
म्हांरी फौज डटी है सरहद पर, म्हे खेतां में डट जावांला
उन्नतशील खेती री बातां, सगळा मिळ अजमावांला
समझावैला ग्राम सेवक, जो खुद ही बणायो गान।
देश रो करणो है विकास, आ है जिद्द म्हांरी।