फूल मन रा खिल जावै
थारौ साथ मिल जावै।
थे अर म्हैं मिल्या सूं
दुसमी रा गढ़ हिल जावै।
नव उजियाळौ लावै सूरज
रात अंधारी ढळ जावै।
सामी भाळ अबै सावरां
दुखरा दिनड़ा ढळ जावै।
खुशियां जद मिलै तो राही
पीड़ परनाळौ खुल जावै।