थांरी आंख्यां नीलो पाणी, म्है जाणा

इण पाणी री भोत कहाणी, म्है जाणा

कैई डूब्या, तिरग्य कैई नीलपणै

खाग्या कैई गाणी - माणी, म्है जाणा

आया कैई त्यार खङ्या है आवण नै

मारग है तैली - घाणी, म्है जाणा

जिकी कहाणी नानी रोज सुणाती ही

बां कहाण्यां मिली ना राणी, म्है जाणा

मुळक भर्योड़ी किणनै सगळी रात मिलै

जियाजूण है लँगड़ी काणी, म्है जाणा

स्रोत
  • पोथी : कवि रै हाथां चुनियोड़ी ,
  • सिरजक : राजूराम बिजारणियां
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