किण माथै इतरावै भाया

अमर नहीं दीखै काया

करलै जमा करम तू खोटा

साथ नहीं जावै धन माया

पुत्र मोह में डूबै तीरै

नेता सारा तप्या तपाया

हाथ कर्‌या बेटी का पीळा

बोल्या म्हैं गंगाजी न्हाया

किस्मत जब साथ नहीं दै

काम नहीं आवै निज जाया

छल पड़पंच म्हानै नीं आवै

राजनीति सूं म्हे तो धाया

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मनोहरलाल गोयल ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-29
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