किण माथै इतरावै भाया
अमर नहीं दीखै आ काया
करलै जमा करम तू खोटा
साथ नहीं जावै धन माया
पुत्र मोह में डूबै तीरै
नेता सारा तप्या तपाया
हाथ कर्या बेटी का पीळा
बोल्या म्हैं गंगाजी न्हाया
किस्मत ई जब साथ नहीं दै
काम नहीं आवै निज जाया
छल पड़पंच म्हानै नीं आवै
राजनीति सूं म्हे तो धाया